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सरस्वती विहार में शिक्षिका अभ्यास वर्ग का सफल आयोजन राष्ट्र निर्माण और संस्कार शिक्षा पर जोर
- 2026-01-16 05:47:09
केशवपुरम विभाग के सरस्वती विहार जिले में एक दिवसीय 'शिक्षिका अभ्यास वर्ग' का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ग का मुख्य उद्देश्य शिक्षिकाओं के कौशल विकास के साथ-साथ उन्हें सेवा भारती के प्रकल्पों और राष्ट्र निर्माण की नई चुनौतियों के प्रति तैयार करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत सात्विक और ऊर्जावान वातावरण में हुआ। भारतीय परंपरा के अनुरूप सबसे पहले प्रार्थना की गई, जिसके पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन हुआ। देशभक्ति के भाव को जागृत करने के लिए प्रेरणादायक गीत और कविताएं प्रस्तुत की गईं। इसके बाद भक्ति रस से सराबोर भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसने उपस्थित सभी शिक्षिकाओं के मन में एकाग्रता और सेवा का भाव जागृत किया।
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संपादकीय दृष्टि से इस कार्यक्रम का सबसे हृदयस्पर्शी हिस्सा वह रहा जब सेवा और व्यक्तिगत खुशियों को समाज के साथ साझा करने की परंपरा दिखी। पीतमपुरा नगर के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता श्रीमान बृजमोहन मित्तल जी ने अपनी पौत्री (पोती) के जन्मदिवस के पावन अवसर पर एक अनूठी पहल की। उन्होंने कड़ाके की ठंड को देखते हुए उपस्थित सभी शिक्षिकाओं को उपहार स्वरूप गर्म शॉल भेंट किए। यह केवल एक उपहार नहीं, बल्कि उन शिक्षिकाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक था जो अभावग्रस्त बस्तियों में बच्चों का भविष्य संवारने के लिए दिन-रात मेहनत करती हैं। मित्तल जी के इस भाव ने कार्यक्रम में 'कुटुम्ब प्रबोधन' और आत्मीयता का संचार किया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला पदाधिकारियों ने शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए बताया कि अभ्यास वर्ग क्यों आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर अपने ज्ञान का नवीनीकरण (Update) करना जरूरी है ताकि हम बच्चों को आधुनिक संदर्भों के साथ संस्कारित शिक्षा दे सकें। शालीमार बाग और पीतमपुरा नगर की कार्यकारिणी ने भी अपने अनुभवों को साझा किया और आगामी वार्षिक योजनाओं पर चर्चा की।
दिन भर चले इस गहन विचार-विमर्श और प्रशिक्षण के पश्चात सभी के लिए सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई। भोजन के उपरांत, विश्व शांति और सभी के मंगल की कामना के साथ 'कल्याण मंत्र' का पाठ किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी शिक्षिकाओं के चेहरों पर एक नई ऊर्जा और कार्य के प्रति नया संकल्प दिखाई दिया।
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