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सेवा और संवेदना की मिसाल झंडेवालान स्वामी विवेकानंद हेल्थ केयर ने अंबेडकर बस्ती में किया निःशुल्क उपचार
- 2026-01-16 05:18:52
भारतीय संस्कृति में सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म माना गया है। "नर सेवा नारायण सेवा" के इसी मंत्र को चरितार्थ करते हुए, स्वामी विवेकानंद हेल्थ केयर सेंटर (झंडेवालान प्रकल्प) ने आज राजधानी के करोल बाग स्थित अंबेडकर सेवा बस्ती में एक विशाल निशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद, सेवा का जज्बा इतना प्रबल था कि सुबह से ही बस्ती के निवासियों का उत्साह शिविर स्थल पर देखने को मिला। यह आयोजन टेंडिशिया एसोसिएशन और आद्य फाउंडेशन के विशेष सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
राजधानी की घनी आबादी वाली अंबेडकर सेवा बस्ती (350 नंबर) में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के उस वर्ग तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था, जो अक्सर आर्थिक अभाव के कारण अपनी आंखों की जांच नहीं करा पाते। रविवार की छुट्टी के दिन आयोजित इस शिविर में सुबह से ही पंजीकरण के लिए लंबी कतारें देखी गईं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम ने अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से प्रत्येक मरीज की आंखों की गहनता से जांच की।
जांच शिविर के दौरान पाया गया कि एक बड़ी आबादी दृष्टि दोष (Refractive Errors) से जूझ रही है। त्वरित समाधान प्रदान करते हुए, संस्था द्वारा 354 लाभार्थियों को निशुल्क चश्मे प्रदान किए गए। धुंधली दृष्टि से जूझ रहे बुजुर्गों और बच्चों के लिए ये चश्मे केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि उनके जीवन में नई रोशनी का संचार करने वाले साधन बने। चश्मा पाकर कई बुजुर्गों के चेहरे पर आई मुस्कान ने 'नर सेवा' के संकल्प को सार्थक कर दिया।
स्वामी विवेकानंद हेल्थ केयर सेंटर, झंडेवालान की इस पहल को टेंडिशिया एसोसिएशन और आद्य फाउंडेशन का मजबूत कंधा मिला। दोनों संस्थाओं के स्वयंसेवकों ने मरीजों के प्रबंधन, पंजीकरण और चश्मा वितरण प्रक्रिया में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। आद्य फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे भविष्य में भी सेवा भारती और झंडेवालान प्रकल्प के साथ मिलकर ऐसे जनकल्याणकारी कार्यों को जारी रखेंगे। स्वामी विवेकानंद हेल्थ केयर सेंटर (झंडेवालान) पिछले कई वर्षों से दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन ला रहा है। संस्था का मानना है कि 'स्वस्थ भारत' ही 'समर्थ भारत' का आधार है। शिविर के दौरान उपस्थित चिकित्सकों ने बताया कि मोतियाबिंद या दृष्टि दोष के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता प्रभावित होती है; ऐसे में समय पर जांच और चश्मा मिलने से व्यक्ति पुनः स्वावलंबन के साथ अपना कार्य कर सकता है।
अंबेडकर सेवा बस्ती के निवासियों ने इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। स्थानीय निवासियों का कहना था कि सरकारी अस्पतालों की लंबी लाइनों और निजी केंद्रों की भारी फीस के कारण वे अपनी जांच नहीं करा पा रहे थे, लेकिन उनके घर के पास लगे इस शिविर ने उनकी बड़ी चिंता दूर कर दी है।


